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Published: 14 Sept 2026, 05:39 PM
विआह दे साहमणे वाली रात पती ने खुद के दोसत नूं देख के मेरे यार नूं खड़ा ते मैं बाहर वेखदा रिहा
विआह तों पहिलां रात. पती ने आपणी कहिदा. उसदी कालज दा दोसत कमरे विच आइआ. मैं बाहर खड़े रिहा. उस नूं अंदरों लै के जाणा.