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Published: 18 Sept 2026, 09:37 PM
मथुरा की पुरानी साझी गली के साझा आंगन की छत पर बरसात की आधी रात विवाहित मालती ने पड़ोसी हारमोनियम वाले को वह राग दिया जो किसी पूजा की घंटी या पति की डायरी में कभी नहीं लिखा जाता
मथुरा की साझी गली। साझा आंगन। बरसात की छत। विवाहित मालती और पड़ोसी केशव। वह राग जो पूजा या पति की डायरी में कभी नहीं चढ़ता।