13 min read
Published: 19 Sept 2026, 08:38 AM
वाराणसी की पुरानी वेधशाला के गुंबद में ग्रहण की रात तीसरे वर्ष की छात्रा ने नैनीताल से आए खगोल सहायक को वह छाया दी जो किसी लॉगबुक या हॉस्टल की हाजिरी में कभी नहीं चढ़ती
वाराणसी की पुरानी वेधशाला। ग्रहण की रात। कव्या और नैनीताल से आए आर्यन। वह छाया जो लॉगबुक या हॉस्टल की हाजिरी में कभी नहीं चढ़ती।