पत्नी को दूसरे के साथ देखना: मेरी छुपी हुई हवस
रात के करीब साढ़े ग्यारह बज रहे थे। मैंने खुद अपने हाथों से अपनी पत्नी रिया को तैयार किया था। काली लेस वाली छोटी ड्रेस, बाल खुले, हल्की सी मेकअप। आज पहली बार होने वाला था जो हम दोनों बहुत दिनों से बात कर रहे थे।
दरवाज़े की घंटी बजी। मैंने दरवाज़ा खोला तो सामने आरव खड़ा था — लंबा, मजबूत शरीर, और आँखों में साफ हवस। रिया उसके पीछे खड़ी थी। मैंने दोनों को अंदर आने दिया और दरवाज़ा बंद कर दिया।
थोड़ी देर बातचीत के बाद मैंने रिया की तरफ देखा। उसने धीरे से सिर हिलाया। मैं उठकर बेडरूम के बाहर चला गया और दरवाज़ा थोड़ा खुला छोड़ दिया। अंदर से सब साफ दिख रहा था।
आरव ने रिया को पास खींचा और जोर से चूमने लगा। रिया ने भी जवाब दिया। आरव के हाथ उसकी ड्रेस के अंदर चले गए। उसने ड्रेस ऊपर की और रिया के बड़े स्तन बाहर निकाल लिए। निप्पल पहले से खड़े थे। आरव ने एक निप्पल मुँह में ले लिया और जोर से चूसने लगा। रिया की कराह निकल गई।
मैं दरवाज़े के पीछे से देख रहा था। मेरा लंड पहले से ही सख्त हो चुका था।
आरव ने रिया की पैंटी नीचे की और उसे बिस्तर पर लिटा दिया। उसने रिया के पैर फैलाए और जीभ से उसकी चूत चाटने लगा। रिया की कमर उठने लगी। आरव ने दो उंगलियाँ अंदर डालकर तेजी से हिलाईं। रिया के मुँह से तेज़ आवाज़ें निकलने लगीं।
“आह… और अंदर… जोर से…”
थोड़ी देर बाद आरव ने अपना पेंट खोला। उसका लंड मोटा और लंबा था। रिया ने उसे हाथ में लिया और मुँह में ले लिया। वह गले तक उतारने की कोशिश करने लगी। आरव ने उसके बाल पकड़कर मुँह में धक्के मारने शुरू कर दिए। ग्लक-ग्लक की आवाज़ मुझे साफ सुनाई दे रही थी।
फिर आरव ने रिया को लिटाया और एक झटके में पूरा लंड अंदर घुसा दिया। रिया की जोरदार चीख निकली।
“उफ़्फ़… बहुत मोटा है… धीरे…”
आरव ने धीरे नहीं किया। उसने दोनों पैर पकड़कर जोर-जोर से धक्के मारने शुरू कर दिए। हर धक्के पर रिया के स्तन उछल रहे थे। मैं देख रहा था कि मेरी पत्नी के चेहरे पर दर्द और मज़े का मिश्रण है।
आरव ने उसे डॉगी पोज़िशन में कर दिया। बाल पकड़कर सिर पीछे खींचा और पीछे से बेतहाशा पेलने लगा। एक हाथ से रिया की क्लिट रगड़ रहा था। रिया के मुँह से अब सिर्फ गंदी आवाज़ें और गालियाँ निकल रही थीं।
“और जोर से चोदो… मुझे तोड़ डालो…”
मैंने अपना लंड बाहर निकाला और दरवाज़े के पीछे से हिलाने लगा। अंदर रिया की चीखें और बिस्तर की आवाज़ें तेज़ हो रही थीं।
आरव ने रिया को ऊपर बिठा लिया। रिया उसके लंड पर बैठकर खुद जोर-जोर से उछलने लगी। उसके स्तन आरव के चेहरे पर लग रहे थे। आरव ने दोनों स्तन पकड़कर काटे और चूसे।
थोड़ी देर बाद आरव ने रिया को फिर से लिटाया। पैर कंधों पर रखे और फुल स्पीड पर पेलते हुए बोला —
“अंदर छोड़ूं?”
रिया ने मेरी तरफ देखा (दरवाज़े की तरफ) और फिर आरव से कहा —
“हाँ… पूरा अंदर छोड़… मेरे पति देख रहे हैं…”
आरव ने आखिरी जोरदार धक्के मारे और पूरा गरम वीर्य रिया की चूत के अंदर छोड़ दिया। रिया का शरीर जोरों से कांपने लगा। उसकी जाँघें काँप रही थीं और वीर्य बाहर निकल रहा था।
मैंने भी उसी समय बाहर ही अपना पानी छोड़ दिया।
थोड़ी देर बाद आरव कपड़े पहनने लगा। रिया बिस्तर पर लेटी हुई थी, पसीने से भीगी हुई, चूत से वीर्य रिस रहा था। आरव जाते समय मुस्कुराया और चला गया।
मैं अंदर आया। रिया ने मुझे देखा और थकी हुई मुस्कान दी।
“कैसा लगा देखना?” उसने पूछा।
मैंने जवाब में उसे चूम लिया और कहा —
“अगली बार… और जोर से करवाना। मैं फिर से देखूँगा।”