ऊपर वाले फ्लैट की औरत: रात की मुलाकात

V
VasnaLok Editorial
September 11, 2026
12 min read0 readers
Font:
Share Story:

शाम के सात बज रहे थे। लिफ्ट में मैं अकेला खड़ा था तभी दरवाज़ा खुला और एक औरत अंदर आई। हल्की सी सुगंध, टाइट जींस और ऑफ-शोल्डर टॉप। नज़रें मिलीं तो उसने मुस्कुरा दिया।

“आप नीचे वाले फ्लैट में रहते हो ना?” उसने पूछा।

मैंने हाँ में जवाब दिया। लिफ्ट ऊपर जा रही थी। उसने अपना फ्लैट नंबर बताया और कहा —

“कभी चाय पीने आ जाना। पति ज्यादातर टूर पर रहते हैं।”

रात के ग्यारह बजे मैंने उसका दरवाज़ा खटखटाया। दरवाज़ा खोला तो वही औरत खड़ी थी। अब उसने जींस बदलकर छोटी सी नाइटी पहन रखी थी। बाल खुले हुए थे।

“आओ… सोचा नहीं था इतनी जल्दी आ जाओगे।” उसने दरवाज़ा बंद करते हुए कहा।

अंदर बैठते ही उसने मेरे पास आकर मेरा हाथ पकड़ लिया। फिर बिना कुछ कहे मेरे होंठों पर होंठ रख दिए। चूमना तेज़ होता गया। उसके हाथ मेरे कपड़ों के अंदर चले गए।

मैंने उसकी नाइटी ऊपर की। अंदर कुछ नहीं था। बड़े और भारी स्तन बाहर आ गए। मैंने एक निप्पल मुँह में ले लिया और जोर से चूसने लगा। उसने मेरे बाल पकड़ लिए।

“आह… बहुत दिनों बाद किसी ने इतना जोर से चूसा है…”

मैंने दोनों स्तनों को मसलना और काटना शुरू कर दिया। फिर उसे सोफे पर लिटाया। नाइटी पूरी तरह हटा दी। उसकी चूत पहले से गीली थी। मैंने जीभ से चाटना शुरू किया। क्लिट को चूसा, उंगलियाँ अंदर डालकर तेजी से हिलाईं। उसकी कमर बार-बार उठ रही थी।

थोड़ी देर बाद उसने मुझे ऊपर खींचा और मेरा पेंट नीचे किया। लंड हाथ में लेते ही उसकी आँखें चमक उठीं। उसने उसे मुँह में ले लिया और गले तक उतारने लगी। मैंने उसके बाल पकड़कर मुँह में धक्के मारने शुरू कर दिए। ग्लक-ग्लक की आवाज़ आने लगी।

फिर मैंने उसे लिटाया और एक झटके में पूरा लंड अंदर घुसा दिया। उसकी जोरदार कराह निकल गई।

“उफ़्फ़… इतना मोटा… अब रुकना मत…”

मैंने दोनों पैर पकड़कर जोर-जोर से धक्के मारने शुरू कर दिए। हर धक्के पर उसके स्तन उछल रहे थे। मैंने उसके गाल पर हल्का थप्पड़ मारा तो वह और जोर से कराहने लगी।

मैंने उसे डॉगी पोज़िशन में कर दिया। बाल पकड़कर सिर पीछे खींचा और पीछे से बेतहाशा पेलने लगा। एक हाथ से उसकी क्लिट रगड़ रहा था। उसकी आवाज़ें दबाने के लिए उसने तकिया दबा लिया।

“और जोर से… आज पूरी रात चोदो मुझे…”

मैंने और रफ्तार बढ़ा दी। थोड़ी देर बाद उसे ऊपर बिठा लिया। वह मेरे लंड पर बैठकर खुद जोर-जोर से उछलने लगी। उसके स्तन मेरे चेहरे पर लग रहे थे। मैंने दोनों को पकड़कर काटा और चूसा।

आखिर में जब मैं करीब पहुँचा तो पूछा —

“कहाँ छोड़ूं?”

उसने हांफते हुए कहा —

“अंदर… आज अंदर छोड़ दो… पति कई दिन बाद आएगा…”

मैंने आखिरी जोरदार धक्के मारे और पूरा गरम वीर्य उसकी चूत के अंदर छोड़ दिया। उसका शरीर कांपने लगा। जाँघें काँप रही थीं और वीर्य धीरे-धीरे बाहर निकल रहा था।

दोनों पसीने से भीगे हुए सोफे पर लेटे थे। उसने मेरे सीने पर हाथ रखते हुए धीरे से कहा —

“कल रात फिर आ जाना। इस बार और देर तक रुकना।”

🔥 NEXT CHAPTER IN LINE

Hotwife / Cuckold

पत्नी को दूसरे के साथ देखना: मेरी छुपी हुई हवस

मैंने खुद अपनी पत्नी को दूसरे मर्द के साथ सोने के लिए कहा। दरवाज़े के पीछे से सब देखता रहा। जो मज़ा आया वो काल्पनिक नहीं था।

Read Next Story