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College Campus - College Campus & Youth Romance Stories - Page 4

कॉलेज के सुनहरे दिन, पहली मोहब्बत और कैंपस की कैंटीन की हसीन यादें।

कॉलेज की जवानी, हॉस्टल की रातें और कैंपस के अंदर होने वाले गंदे किस्से। युवा जोश और पहली बार का मज़ा।

College Campus Stories (16)

Published: 19 Sept 2026, 08:38 AM

वाराणसी की पुरानी वेधशाला के गुंबद में ग्रहण की रात तीसरे वर्ष की छात्रा ने नैनीताल से आए खगोल सहायक को वह छाया दी जो किसी लॉगबुक या हॉस्टल की हाजिरी में कभी नहीं चढ़ती

वाराणसी की पुरानी वेधशाला। ग्रहण की रात। कव्या और नैनीताल से आए आर्यन। वह छाया जो लॉगबुक या हॉस्टल की हाजिरी में कभी नहीं चढ़ती।

Published: 19 Sept 2026, 06:47 AM

વડોદરાની જૂની બોટની હર્બેરિયમની રાતે ત્રીજા વર્ષની કુમારી છોકરીએ આણંદથી આવેલા સંશોધકને તે નમૂના આપ્યા જે કોઈ હાજરી રજિસ્ટર યા ઘરની ડાયરીમાં કદી નથી ચડતું

વડોદરાનું જૂનું હર્બેરિયમ। રાતની ચાવી। નિયતિ અને આણંદનો અર્પિત। તે નમૂના જે રજિસ્ટર કે ઘરની ડાયરીમાં કદી નથી ચડતું।

Published: 18 Sept 2026, 04:09 PM

वर्ध्याच्या जुन्या ग्रामीण अभ्यास संस्थेच्या डार्क रूममध्ये शेवटची फिल्म धुतताना तिसऱ्या वर्षाच्या ईशाने पुण्याहून आलेल्या संशोधकाला तो रक्त दिला जो कोणत्याही अॅटेंडन्स शीटवर कधी चढत नाही

वर्ध्याची जुनी डार्क रूम. शेवटची फिल्म. ईशा आणि अजय. तो रक्त जो अॅटेंडन्स शीटवर कधी चढत नाही.

Published: 18 Sept 2026, 03:54 PM

छत्रपती संभाजीनगरच्या जुन्या विद्यापीठाच्या पुरातत्त्व तळघरात कलशाच्या तीन फुटी जोडताना अविवाहित विद्यार्थिनीने क्षेत्रीय सहाय्यकाला तो जोड दिला जो कोणत्याही संग्रहालयाच्या कार्डावर चढत नाही

छत्रपती संभाजीनगरचे जुने त̳घर. कलशाच्या फुटी. रेवती आणि आदित्य. तो जोड जो संग्रहालयाच्या कार्डावर कधी चढत नाही.

Published: 17 Sept 2026, 08:42 AM

બહાવનગરની જૂની મેરીન બાયોલોજી લેબની રાતે મોટી બંદ થયા પછી વિદ્યાર્થી છાત્રાએ ત્રીજી વર્ષની છોકરીએ તે પાણી આપી જે કોઈ ટાઇડલ નોટબુકમાં કદી નથી લખાતી

બહાવનગરનું જૂનું મેરીન બાયોલોજી લેબ. રાતે મોટી. ત્રીજી વર્ષની ઇશા અને છાત્ર નીલ. તે પાણી જે ટાઇડલ નોટબુકમાં કદી નથી લખાતું.

Published: 16 Sept 2026, 08:34 PM

لکھنؤ یونیورسٹی کے پرانے رسالہ کدخانے میں جب رات کی بجلی روک گئی اور تیسرے سال کی مجلہ نگار نے کمپوزٹر کے لڈکے کو وہ صفحہ دی جو کسی شمارے پر کبھی نہیں چھپتا

لکھنؤ یونیورسٹی کا پرانا رسالہ کدخانہ۔ رات کی بجلی۔ مہرالنسا اور کمپوزٹر فہاد۔ وہ صفحہ جو شمارے پر نہیں چھپتا۔

Published: 16 Sept 2026, 07:40 AM

ਪਟਿਆਲਾ ਸਰਕਾਰੀ ਕਾਲਜ ਦੀ ਦੂਜੀ ਮੰਜ਼ਿਲ ਤੇ ਤਬਲਾ ਰੂਮ ਦੀ ਖਿੜਕੀ ਅੱਧੀ ਖੁੱਲ੍ਹੀ ਰਹੀ ਜਦੋਂ ਤੀਜੇ ਸਾਲ ਦੀ ਵਿਦਿਆਰਥਣ ਨੇ ਹਰਮੋਨੀਅਮ ਵਾਲੇ ਨੌਜਵਾਨ ਨੂੰ ਨਾਲ ਲਿਖਣ ਦਿੱਤਾ ਅਤੇ ਤਾਲ ਉਸ ਕਮਰੇ ਵਿੱਚ ਰਹੀ ਜੋ ਸਟੇਜ ਤੇ ਨਹੀਂ ਵੱਜਣੀ

ਪਟਿਆਲਾ ਕਾਲਜ ਦਾ ਤਬਲਾ ਰੂਮ। ਰਾਤ ਦਾ ਰਿਆਜ਼। ਸਵਰਨਜੀਤ ਅਤੇ ਜਸਬੀਰ ਦੀ ਤਾਲ ਉਸ ਕਮਰੇ ਵਿੱਚ ਰਹੀ ਜੋ ਸਟੇਜ ਤੇ ਨਹੀਂ ਵੱਜਦੀ।

Published: 12 Sept 2026, 12:27 PM

कॉलेज फेस्ट की उस पागल रात में जब हमने खाली ऑडिटोरियम में सब कुछ कर डाला

फेस्ट की आखिरी रात, खाली ऑडिटोरियम और दो छात्र जिन्होंने संगीत की गूँज के बीच सारी सीमाएँ तोड़ दीं। कैंपस की सबसे पागल और तीव्र रात।

Published: 12 Sept 2026, 12:20 PM

जब सीनियर लड़की ने खुद जूनियर को अपने कमरे में बुलाकर सब कुछ छीन लिया

हॉस्टल की खामोश रात में एक सीनियर लड़की ने जूनियर लड़के को बुलाया… और फिर जो हुआ वह किसी ने सोचा नहीं था। नियंत्रण इस बार लड़की के हाथ में था।

Published: 12 Sept 2026, 12:11 PM

हॉस्टल की उस खाली रात में जब सीनियर ने मेरी सारी हिचक तोड़ दी बंद कमरे में जूनियर लड़की की सारी सीमाएँ पार कर दीं

कॉलेज हॉस्टल की खामोश रात, बंद कमरा और एक सीनियर जिसने जूनियर लड़की की सारी सीमाएँ पार कर दीं। कैंपस की सबसे तीव्र और कच्ची कहानी।

Published: 12 Sept 2026, 12:02 PM

कॉलेज की उस खाली क्लास में जब पहली बार सीमाएँ टूटीं दोपहर की खाली क्लास बंद दरवाजा और दो छात्रों के बीच वो पहली मुलाकात

दोपहर की खाली क्लास, बंद दरवाजा और दो छात्रों के बीच वो पहली मुलाकात जिसने दोनों की दुनिया बदल दी। कॉलेज कैंपस की सबसे तीव्र और कच्ची कहानी।

Published: 11 Sept 2026, 10:16 AM

हॉस्टल की रात रूमरेट की बहन के साथ जब उसने दरवाज़ा बंद करते ही कहा आज रात यहीं रुकोंगी फिर दीवारें भी नहीं सुन सकीं

रूममेट घर गया था। उसकी बहन मेरे कमरे में आई और दरवाज़ा बंद करते ही बोली – आज रात यहीं रुकोंगी। फिर जो हुआ वो हॉस्टल की दीवारें भी सुन नहीं सकतीं।

Published: 11 Sept 2026, 09:52 AM

हॉस्टल की रात रूमरेट की बहन के साथ जब उसने कहा आज रात यहीं रुकोंगी और दीवारें भी नहीं सुन सकीं जो हुआ

रूममेट घर गया था। उसकी बहन मेरे कमरे में आई और दरवाज़ा बंद करते ही बोली – आज रात यहीं रुकोंगी। फिर जो हुआ वो हॉस्टल की दीवारें भी सुन नहीं सकतीं।