एक रात का भूखा वादा जब दो अजनबियों ने होटल रूम में सारी सीमाएँ मिटा दीं और सिर्फ शरीर की भाषा चली

N
27 min read0 readers
Font:
0:000:00
Share Story:

बारिश की आवाज होटल की खिड़की से आ रही थी। कमरे में सिर्फ एक टेबल लैंप जल रहा था।

नैना ने अपने गीले बाल पीछे किए और आईने में खुद को देखा। काली ड्रेस शरीर से चिपक रही थी। तभी दरवाजे पर दस्तक हुई।

वह जानती थी कौन है। लॉबी में जिस अजनबी से नजरें मिली थीं, उसी ने कहा था—“ऊपर चलोगी?” नैना ने सिर्फ कमरा नंबर बताया था।

दरवाजा खोला। आदमी अंदर आया। लंबा, शर्ट के बटन खुले हुए, आँखों में साफ भूख। उसने दरवाजा बंद किया और ताला लगा दिया।

दोनों एक-दूसरे को देखने लगे। कोई नाम नहीं पूछा। कोई बात नहीं की। आदमी ने एक कदम बढ़ाया और नैना का गला पकड़ लिया। चुंबन तुरंत गहरा हो गया। जीभ, दाँत, होंठ—सब कुछ। नैना की ड्रेस का जिपर पीछे से खुल गया। आदमी ने उसे कंधों से नीचे सरका दिया।

नैना अब सिर्फ ब्रा और पैंटी में थी। आदमी ने ब्रा के हुक खोले और दोनों स्तनों को जोर से अपने हाथों में ले लिया। निप्पल्स को उँगलियों से मरोड़ा, फिर मुँह में लेकर जोर-जोर से चूसने लगा। नैना की कमर आगे बढ़ गई।

“आह्ह…” उसकी सिसकी निकली।

आदमी ने उसे बिस्तर की ओर धकेला। नैना बिस्तर पर गिरते ही आदमी उसके ऊपर आ गया। उसने उसकी पैंटी को एक झटके में नीचे खींच लिया और फेंक दिया। नैना की जाँघें अपने आप फैल गईं।

आदमी ने बिना देर किए अपनी जीभ उसके बीच में रख दी। नैना की कमर उछल गई। आदमी की जीभ तेज और अनुभवी थी। वह क्लिट को चूस रहा था, फिर दो उंगलियाँ अंदर डालकर तेजी से हिला रहा था। नैना के नाखून चादर में गड़ गए।

“रुक मत… और अंदर…” नैना की आवाज काँप रही थी।

आदमी ने तीसरी उँगली भी डाल दी। नैना का शरीर अकड़ गया और वह जोर से काँपते हुए चरम पर पहुँच गई। उसकी आवाज कमरे में गूँज गई।

आदमी ऊपर आया। उसने अपनी पैंट खोली। नैना की आँखें उसके मोटे, कड़े अंग पर टिक गईं। आदमी ने उसकी दोनों टाँगें अपने कंधों पर रखीं और एक ही धक्के में पूरा अंदर घुस गया।

नैना चीख पड़ी। “आह्ह… बहुत गहरा…”

आदमी नहीं रुका। उसने कमर पकड़कर पूरी ताकत से धक्के लगाने लगे। बिस्तर जोर-जोर से चरमरा रहा था। हर धक्का इतना तीव्र था कि नैना की छाती ऊपर-नीचे हो रही थी। आदमी ने झुककर उसके निप्पल को दाँतों से काटा।

नैना की आवाजें अब बेकाबू थीं। आदमी ने उसका मुँह अपने हाथ से बंद कर दिया और और तेज हो गया। नैना की आँखों में आँसू आ गए—मजे के।

थोड़ी देर बाद आदमी ने उसे पलटा। नैना अब घुटनों के बल थी। आदमी ने पीछे से फिर से अंदर घुस गया—इस बार और गहरा। उसने नैना के बाल पकड़ लिए और जोर से खींचे। हर धक्के के साथ नैना की गर्दन पीछे की ओर झुक रही थी।

“बोल… कितना चाहिए?” आदमी ने कान में गुर्राया।

“पूरा… तोड़ दो मुझे…” नैना की आवाज टूटी हुई थी।

आदमी ने उसके नितंबों पर जोरदार थप्पड़ मारे। आवाज कमरे में गूँज रही थी। नैना और जोर से पीछे की ओर धकेलने लगी। आदमी ने उसकी कमर और नीचे झुका दी और पूरी शक्ति लगा दी।

दूसरा चरम नैना के शरीर में बिजली की तरह दौड़ा। उसके पैर लड़खड़ा गए। आदमी ने भी उसी समय उसके अंदर ही सब कुछ छोड़ दिया। गर्म और गाढ़ा। दोनों कुछ पल के लिए अचल रहे।

साँसें थामने के बाद भी आदमी बाहर नहीं निकला। उसने नैना को साइड में कर लिया और उसी पोजीशन में फिर से हिलना शुरू कर दिया। नैना की आँखें बंद थीं, लेकिन होंठ खुले हुए थे।

“फिर से…” उसने फुसफुसाया।

आदमी ने उसकी एक टाँग ऊपर उठाई और और गहराई तक जाने लगा। इस बार गति पहले से भी तेज थी। नैना के स्तन हर धक्के के साथ काँप रहे थे। आदमी ने उसके गले पर हाथ रखा और हल्का सा दबाया। नैना की आँखें खुल गईं—थ्रिल से।

तीसरा चरम और भी लंबा था। नैना की आवाज निकलना बंद हो गई। सिर्फ शरीर काँप रहा था। आदमी ने फिर से उसके अंदर ही छोड़ दिया।

रात अभी बाकी थी।

दो घंटे बाद नैना बाथरूम से निकली तो आदमी बिस्तर पर नंगा लेटा था। नैना उसके पास गई और खुद उसके ऊपर बैठ गई। उसने उसका अंग फिर से कड़ा किया और धीरे-धीरे अपने अंदर ले लिया।

इस बार नैना खुद ऊपर-नीचे हो रही थी। आदमी के हाथ उसके स्तनों पर थे। नैना की गति तेज होती गई। आदमी ने उसके नितंबों को जोर से पकड़ लिया और नीचे से धक्के लगाने लगा।

“और तेज…” नैना ने कहा।

आदमी ने उसे बिस्तर पर पटक दिया और मिशनरी में पूरी ताकत लगा दी। नैना की टाँगें उसके कंधों पर थीं। हर धक्का दीवार तक गूँज रहा था। नैना ने उसके पीठ पर नाखून चला दिए।

आदमी और बेकाबू हो गया। उसने नैना के दोनों हाथ सिर के ऊपर पकड़ लिए और और जोर से मारने लगा। अंतिम चरम दोनों का एक साथ आया। नैना की आवाज इस बार दब नहीं पाई।

सुबह पाँच बजे आदमी कपड़े पहनने लगा। नैना चादर ओढ़े उसे देख रही थी।

“नाम?” उसने पूछा।

आदमी ने मुस्कुराते हुए दरवाजा खोला। “कोई जरूरत नहीं। ये सिर्फ एक रात थी।”

दरवाजा बंद होते ही नैना ने आँखें बंद कर लीं। शरीर में दर्द था, जाँघों के अंदर उसका अंश अभी भी बह रहा था, और पूरे शरीर पर नाखूनों व दाँतों के निशान थे।

उसने मुस्कुरा दिया।

एक रात का भूखा वादा पूरा हो चुका था। और नैना जानती थी—ये भूख अब और रातों की माँग करेगी।

Rate this story

🔥 NEXT CHAPTER IN LINE

One Night Stand

एक रात का खेल अनजान लड़की के साथ जब क्लब से होटल तक बिना नाम पूछे कपड़े उतरने लगे और सिर्फ गंदी भूख चली

क्लब में नज़रें मिलीं। नाम तक नहीं पूछा। होटल के कमरे में जाते ही कपड़े उतरने लगे। सिर्फ एक रात का गंदा और बेकाबू खेल।

Read Next Story

More stories by Nisha Chauhan

View all →

Readers who enjoyed “एक रात का भूखा वादा जब दो अजनबियों ने होटल रूम में सारी सीमाएँ मिटा दीं और सिर्फ शरीर की भाषा चली” also read

8 curated stories
One Night Standहिंदी (Hindi)

हिंदी ट्रेन सेक्स कहानी: दिल्ली से लखनऊ की रात भर की कहानी

दिल्ली से लखनऊ जा रही सुनीता की ट्रेन में मुलाकात होती है फोटोग्राफर रोहन से। आधी रात के बाद खाली वेस्टिब्यूल में जो होता है, वह उसकी ज़िंदगी की सबसे यादगार रात बन जाती है।

⏱️ 11 min read•👁️ 1 views
One Night Standहिंदी (Hindi)

कर्फ्यू वाली रात जब गेस्ट हाउस में सिर्फ हम दो बचे थे

अचानक कर्फ्यू, खाली गेस्ट हाउस और दो अजनबी। जब बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा तो अंदर की भूख जाग उठी।

⏱️ 31 min read•👁️ 0 views
One Night Standहिंदी (Hindi)

ट्रेन की उस खाली कॉपी में जब दो अजनबियों ने पूरी रात एक-दूसरे को खोजा

रात की गाड़ी, खाली 2AC कॉपी और दो अजनबी। जब दरवाजा अंदर से लॉक हुआ तो समय ने सारी सीमाएँ मिटा दीं।

⏱️ 33 min read•👁️ 0 views
One Night Standहिंदी (Hindi)

रिश्ते की पहली मुलाकात में ही जब हमने एक-दूसरे को पूरी तरह उतार दिया

परिवारों ने रिश्ता तय करने के लिए मिलाया। दोनों ने सिर्फ एक कॉफी प्लान की थी। रात खत्म होते-होते न रिश्ता बचा, न कपड़े।

⏱️ 31 min read•👁️ 0 views
Rough & Dirtyहिंदी (Hindi)

ज़बरदस्त रात जब उसने बाल खींचकर चोदा और साफ कहा कि आज नर्मियत नहीं चलेगी सिर्फ गंदी और ज़ोरदार सेक्स

उसने मेरा बाल पकड़कर खींचा और बोली – आज नर्मियत नहीं चलेगी। फिर जो हुआ वो सिर्फ गंदी और ज़ोरदार सेक्स था।

⏱️ 9 min read•👁️ 37 views
Hardcore Desiहिंदी (Hindi)

नौकरानी की चुदाई: दिवाली की सफ़ाई वाली दोपहर

राहुल और उसकी कामवाली गौरी की ये कहानी दिवाली की सफ़ाई वाली दोपहर में दीवान हिलाने की मदद मांगने से शुरू हुई, और बेकाबू होती चली गई।

⏱️ 11 min read•👁️ 23 views
Hotwife / Cuckoldहिंदी (Hindi)

जब पति ने खुद मुझे किसी और के हवाले कर दिया और दोनों की सीमाएँ मिटा दीं हॉटवाइफ की सबसे खुली और तीव्र रात

एक पति की इच्छा, एक पत्नी का समर्पण और एक तीसरा व्यक्ति जिसने दोनों की सीमाएँ मिटा दीं। हॉटवाइफ की सबसे खुली और तीव्र रात।

⏱️ 29 min read•👁️ 21 views
Hotwife / Cuckoldहिंदी (Hindi)

पत्नी को दूसरे के साथ देखना मेरी छुपी हुई हवस जब मैंने खुद कहा और दरवाज़े के पीछे से सब देखता रहा जो मज़ा आया वो काल्पनिक नहीं था

मैंने खुद अपनी पत्नी को दूसरे मर्द के साथ सोने के लिए कहा। दरवाज़े के पीछे से सब देखता रहा। जो मज़ा आया वो काल्पनिक नहीं था।

⏱️ 5 min read•👁️ 17 views