Hindi Honeymoon Sex Kahani: Pehli Raat Ka Nasha
की कार्ड ने दो बार हरा बत्ती जलाई और तीसरी बार दरवाज़ा खुल गया। विक्रम ने सूटकेस अंदर खींचा और रिया पीछे से दबे पाँव आई, उसकी घबराई हुई हँसी खाली कमरे में गूँज गई। रिया ने उसका हाथ पकड़ा और शरारती आँखों से बोली, ये हमारी hindi honeymoon sex kahani होगी, विक्रम, और आज रात से शुरू होगी।
स्वीट बड़ा था, किंग साइज़ बेड पर गुलाब की पंखुड़ियाँ बिखरी थीं और बालकनी का शीशा खुला था जहाँ से समंदर की लहरों की आवाज़ आ रही थी। दीवार पर लगे लैंप की रोशनी मंद थी और हवा में कोई मीठी सी खुशबू तैर रही थी। विक्रम ने बैग एक कोने में रखे और रिया की तरफ देखा, उसके चेहरे पर वही मासूमियत थी जो पूरी शादी में दिखी थी।
पर इस बार उस मासूमियत के पीछे कुछ और भी चमक रहा था। रिया ने अपने बालों का जूड़ा खोल दिया और काले घने बाल उसकी कमर तक लहरा गए। विक्रम का गला सूख गया, उसने इतने दिनों में पहली बार उसे इतना खुला देखा था। रिया ने उसके चेहरे के भाव पढ़ लिए और मुस्कुराई।
शादी के तीन दिनों में रिया हर रस्म में शर्माई थी, घूँघट में मुँह छिपाया था, सबसे नज़रें चुराई थीं। सबने कहा था, बहू बड़ी शर्मीली मिली है। विक्रम को भी लगा था कि शायद सुहागरात लंबी बातों में गुज़रेगी। पर अब ये कमरा बंद था, दुनिया बाहर थी, और रिया के हाथ उसकी शर्ट के बटन की तरफ बढ़ रहे थे।
तुम्हें थकान नहीं हुई, विक्रम ने पूछा, उसकी आवाज़ अजीब सी भारी लग रही थी। रिया ने कोई जवाब नहीं दिया, बस उसकी शर्ट का पहला बटन खोला। दूसरा बटन खोलते हुए उसकी उँगलियाँ विक्रम की छाती पर फिसलीं। तीसरे बटन पर विक्रम ने उसकी कलाई पकड़ ली।
रिया, धीरे, विक्रम ने कहा, पर उसकी साँसें पहले ही तेज़ हो चुकी थीं। रिया ने उसकी कलाई छुड़ाई और उसकी आँखों में आँखें डालकर बोली, तीन दिन से धीरे धीरे सुन रही हूँ। अब धीरे नहीं, अब सब कुछ। उसकी आवाज़ में वो नरमी नहीं थी जो विक्रम ने सोची थी, उसमें आग थी।
उसने विक्रम की शर्ट के बाकी बटन एक झटके में खोल दिए और शर्ट को कंधों से नीचे सरका दिया। विक्रम की नंगी छाती पर रिया की हथेलियाँ फैल गईं और वो धीरे धीरे नीचे की तरफ बढ़ीं। विक्रम के पेट की मांसपेशियाँ उसकी छुअन पर कसमसाईं। रिया ने उसकी बेल्ट की तरफ हाथ बढ़ाया।
पहले बालकनी, रिया ने फुसफुसाया, वहाँ चाँद है, समंदर है, और कोई नहीं देखेगा। विक्रम ने उसे रोकने की कोशिश की, पर रिया पहले ही शीशे के दरवाज़े की तरफ बढ़ चुकी थी। उसने पर्दा हटाया और चाँदनी रात उनके सामने खुल गई।
बालकनी छोटी सी थी, रेलिंग के उस पार समंदर चाँदनी में चमक रहा था। हवा में नमक की खुशबू थी और लहरों की गड़गड़ाहट दिल की धड़कन से मिल रही थी। रिया रेलिंग के पास खड़ी हुई और पीछे मुड़कर विक्रम को देखा। आओ ना, उसने हाथ बढ़ाया।
विक्रम उसके पास गया और रिया ने उसे रेलिंग से सटाकर खड़ा कर दिया। अब वो उसकी बेल्ट खोल रही थी, चाँदनी में उसकी आँखें चमक रही थीं। बेल्ट खुली, ज़िप नीचे आई, और विक्रम की पैंट उसके टखनों पर गिर पड़ी। रिया ने उसके अंडरवियर को भी नीचे सरका दिया।
विक्रम का लंड अब खुली हवा में था, आधा खड़ा, चाँदनी में चमकता हुआ। रिया ने उसे अपनी हथेली में लिया और धीरे से दबाया। विक्रम ने आह भरी और रेलिंग को पकड़ लिया। रिया ने उसकी तरफ देखा और मुस्कुराई, इतना बेसब्र।
उसने विक्रम के लंड को अपने होठों के पास लाया और उसकी नोक को चूमा। विक्रम के पैर काँप गए। रिया ने अपनी जीभ निकाली और लंड की नोक पर गोल गोल घुमाई। विक्रम ने उसके बालों में हाथ डाला और रिया ने उसे पूरा मुँह में ले लिया।
रिया का मुँह गर्म था और उसकी जीभ विक्रम के लंड के चारों तरफ लिपट रही थी। वो ऊपर नीचे हो रही थी, हर बार थोड़ा और अंदर ले रही थी। विक्रम की साँसें फूल रही थीं और उसके हाथ रिया के बालों में कस रहे थे। रिया ने उसके अंडकोष को हाथ से सहलाया।
बस, विक्रम ने हाँफते हुए कहा, अब नहीं रोक पाऊँगा। रिया ने मुँह हटाया और उसके लंड पर अपनी लार चमक रही थी। अभी नहीं, उसने शरारत से कहा, अभी तो शुरुआत है। वो खड़ी हुई और विक्रम के होठों पर ज़ोर से चूमा।
अब मेरी बारी, रिया ने कहा और विक्रम की तरफ पीठ करके खड़ी हो गई। उसकी लाल साड़ी चाँदनी में दमक रही थी। विक्रम ने उसका पल्लू पकड़ा और धीरे से खींचा। पल्लू उसके कंधे से फिसला और ज़मीन पर गिर पड़ा।
विक्रम ने रिया के ब्लाउज़ के हुक एक एक करके खोले। उसकी पीठ नंगी होती गई और रिया की साँसें तेज़ हो गईं। ब्लाउज़ खुला और विक्रम ने उसे नीचे सरका दिया। रिया ने हाथ ऊपर किए और ब्लाउज़ उसके हाथों से फिसलकर नीचे गिर गया।
उसकी ब्रा काली थी और उसके बूब्स उसमें कसे हुए थे। विक्रम ने पीछे से उसके बूब्स को ब्रा के ऊपर से दबाया। रिया ने आह भरी और अपना सिर पीछे विक्रम के कंधे पर टिका दिया। विक्रम ने उसकी ब्रा का हुक खोला और ब्रा नीचे गिर पड़ी।
अब रिया की नंगी पीठ विक्रम की छाती से सटी थी और उसके बूब्स विक्रम के हाथों में थे। विक्रम ने उसके निप्पल को उँगलियों से मरोड़ा और रिया कसमसाई। उसकी चूत गीली हो रही थी और पेटीकोट के अंदर से उसकी गर्मी महसूस हो रही थी।
विक्रम ने रिया को अपनी तरफ घुमाया और उसके बूब्स को मुँह में ले लिया। उसने एक निप्पल को चूसा और दूसरे को हाथ से दबाया। रिया ने उसके सिर को अपने सीने से लगाया और सिसकियाँ भरने लगी। उसकी उँगलियाँ विक्रम की पीठ पर नाखून गड़ा रही थीं।
विक्रम नीचे बैठा और रिया के पेटीकोट का नाड़ा खोला। पेटीकोट उसके पैरों पर गिर पड़ा और अब रिया सिर्फ पैंटी में थी। चाँदनी में उसका बदन संगमरमर जैसा चमक रहा था। विक्रम ने उसकी पैंटी को भी नीचे सरका दिया।
रिया की चूत अब विक्रम के सामने थी, गीली और फूली हुई। विक्रम ने अपनी उँगली उसकी चूत पर फेरी और रिया काँप गई। उसकी चूत से पानी निकल रहा था और विक्रम की उँगली चिकनी हो गई। विक्रम ने उँगली अंदर डाली और रिया ने ज़ोर से आह भरी।
विक्रम ने अपनी जीभ रिया की चूत पर रखी और वो उछल पड़ी। उसने उसकी चूत को चाटना शुरू किया, ऊपर से नीचे तक, और रिया रेलिंग को पकड़कर काँपने लगी। उसकी सिसकियाँ समंदर की आवाज़ में घुल रही थीं। विक्रम ने उसके दाने को मुँह में लिया और चूसा।
रिया का बदन अकड़ने लगा और उसकी चूत से और पानी निकलने लगा। विक्रम ने दो उँगलियाँ उसकी चूत में डालीं और अंदर बाहर करने लगा। रिया चीख पड़ी और उसका पानी विक्रम के मुँह पर छूट गया। वो झड़ चुकी थी, पर उसकी आँखों में अभी भी भूख थी।
अंदर चलो, रिया ने हाँफते हुए कहा, बेड पर। विक्रम उठा और रिया को गोद में उठा लिया। रिया ने उसके गले में बाँहें डाल दीं और उसके होठों को चूमने लगी। विक्रम उसे बेडरूम में ले गया और बेड पर लिटा दिया।
गुलाब की पंखुड़ियाँ रिया के नंगे बदन से चिपक गईं। विक्रम उसके ऊपर आया और रिया ने अपनी टाँगें उसकी कमर के चारों तरफ लपेट लीं। विक्रम का लंड अब पूरी तरह खड़ा था और रिया की चूत के मुँह पर था। रिया ने उसे अंदर खींचा।
विक्रम का लंड रिया की गीली चूत में धीरे धीरे घुसा। रिया ने आह भरी और विक्रम को कसकर पकड़ लिया। दोनों एक पल के लिए रुके, एक दूसरे की आँखों में देखते रहे। फिर विक्रम ने धक्का मारना शुरू किया।
पहले धीरे, फिर तेज़, विक्रम रिया की चूत में अंदर बाहर हो रहा था। रिया की सिसकियाँ बढ़ती जा रही थीं और बेड हिलने लगा था। उसने विक्रम की पीठ पर नाखून गड़ाए और उसके कान में फुसफुसाई, और ज़ोर से।
विक्रम ने अपनी रफ़्तार बढ़ा दी और रिया की चूत से फच फच की आवाज़ आने लगी। रिया की आँखें बंद थीं और उसका मुँह खुला था। विक्रम ने उसके बूब्स को पकड़ा और धक्कों के साथ उन्हें दबाने लगा। रिया का बदन फिर से अकड़ने लगा।
मैं झड़ने वाली हूँ, रिया चीखी, और उसकी चूत ने विक्रम के लंड को कसकर जकड़ लिया। उसका पानी छूटा और विक्रम के धक्के और तेज़ हो गए। विक्रम भी अब कगार पर था, उसकी साँसें फूल रही थीं।
विक्रम ने आखिरी ज़ोर के धक्के मारे और उसका वीर्य रिया की चूत के अंदर छूट गया। दोनों हाँफ रहे थे, पसीने से तर, एक दूसरे से लिपटे हुए। रिया ने विक्रम के माथे को चूमा और मुस्कुराई। ये तो सिर्फ पहला राउंड था, उसने कहा।
विक्रम हँसा और रिया के बगल में लेट गया। रिया उसके सीने पर सिर रखकर लेट गई और उसकी उँगली विक्रम की छाती पर गोल गोल घूमने लगी। बाहर समंदर की लहरें अब भी गड़गड़ा रही थीं और चाँदनी बालकनी से अंदर आ रही थी।
थोड़ी देर बाद रिया उठी और बेड के किनारे बैठ गई। उसने विक्रम की तरफ देखा और उसकी आँखों में फिर से वही शरारत थी। विक्रम ने पूछा, अब क्या। रिया ने जवाब में उसके लंड को हाथ में लिया, जो अब फिर से खड़ा होने लगा था।
रिया बेड पर घोड़ी बन गई और विक्रम के सामने अपनी चूत पेश कर दी। विक्रम उसके पीछे आया और अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया। रिया ने आह भरी और विक्रम ने उसके कूल्हों को पकड़कर धक्के मारने शुरू किए।
इस पोज़ में विक्रम का लंड रिया की चूत में गहराई तक जा रहा था। रिया के बूब्स हिल रहे थे और उसकी सिसकियाँ कमरे में गूँज रही थीं। विक्रम ने उसकी पीठ पर हाथ फेरा और उसके बाल खींचे। रिया और ज़ोर से चिल्लाई।
विक्रम ने रिया को बेड के किनारे लाया और उसकी टाँगें अपने कंधों पर रख लीं। अब वो खड़ा होकर उसे चोद रहा था और रिया की चूत पूरी खुली थी। हर धक्के पर रिया का बदन ऊपर की तरफ सरकता और वो विक्रम को देखकर मुस्कुराती।
तुम्हारी चूत बहुत टाइट है, विक्रम ने हाँफते हुए कहा। तो और खोलो इसे, रिया ने जवाब दिया और अपनी टाँगें और फैला दीं। विक्रम ने पूरी ताकत से धक्के मारने शुरू किए और रिया चीखती रही।
रिया का तीसरा झड़ना सबसे ज़ोरदार था। उसका बदन काँपा, उसकी चूत से पानी की धार निकली और वो बेड पर ढेर हो गई। विक्रम ने भी अपना वीर्य उसकी चूत में छोड़ दिया और उसके ऊपर गिर पड़ा। दोनों की साँसें बहुत तेज़ चल रही थीं।
कुछ देर तक कोई कुछ नहीं बोला। रिया ने विक्रम के बालों में हाथ फेरा और धीरे से बोली, शादी में सबने कहा था मैं शर्मीली हूँ। विक्रम हँसा, शर्मीली तो तुम हो, बस बेडरूम में नहीं। रिया ने उसे धक्का दिया और दोनों हँस पड़े।
रिया उठकर बालकनी में गई और रेलिंग से समंदर को देखने लगी। विक्रम उसके पीछे गया और उसे पीछे से गले लगा लिया। दोनों नंगे थे, चाँदनी उनके बदन पर पड़ रही थी, और समंदर की हवा उनके पसीने को सुखा रही थी।
कल सुबह क्या करेंगे, विक्रम ने पूछा। रिया ने मुड़कर उसे देखा और बोली, कल सुबह समंदर में तैरेंगे, दोपहर को सोएँगे, और रात को फिर यही। विक्रम ने उसके होठों को चूमा और रिया ने उसके लंड को फिर से हाथ में ले लिया।
अभी रात बाकी है, रिया ने फुसफुसाया, और विक्रम को बेडरूम की तरफ खींचने लगी। विक्रम ने उसे गोद में उठाया और बेड पर पटक दिया। रिया हँसती हुई बेड पर गिरी और अपनी टाँगें फैला दीं। रात अभी लंबी थी और दोनों की भूख अभी बाकी थी।
रात के दो बजे रिया की आँख खुली और उसने देखा विक्रम गहरी नींद में था। चाँदनी अब बेड पर पड़ रही थी और विक्रम का नंगा बदन चमक रहा था। रिया ने चादर हटाई और विक्रम के लंड को देखा, जो नींद में भी आधा खड़ा था। उसने उसे होठों से छुआ।
विक्रम की आँख खुली और उसने रिया को अपने लंड पर झुका देखा। तुम सोती नहीं हो क्या, उसने नींद में बड़बड़ाया। रिया ने जवाब नहीं दिया, बस उसके लंड को मुँह में ले लिया और चूसने लगी। विक्रम पूरी तरह जाग गया और उसके बालों में हाथ डाल दिया।
रिया ऊपर नीचे हो रही थी और विक्रम का लंड उसके मुँह में पूरी तरह खड़ा हो गया था। विक्रम ने उसे उठाया और अपने ऊपर बिठा लिया। रिया ने उसका लंड अपनी चूत पर रखा और धीरे धीरे नीचे बैठ गई। दोनों ने एक साथ आह भरी।
अब रिया ऊपर थी और वो खुद धक्के मार रही थी। उसके बूब्स हर उछाल पर हिल रहे थे और विक्रम ने उन्हें हाथों से पकड़ लिया। रिया की रफ़्तार बढ़ती गई और उसकी सिसकियाँ कमरे में गूँजने लगीं। विक्रम ने उसके कूल्हों को पकड़कर उसे और तेज़ किया।
रिया का बदन पसीने से चमक रहा था और उसकी चूत से पानी विक्रम के पेट पर गिर रहा था। वो झड़ने के करीब थी, उसकी साँसें फूल रही थीं। विक्रम ने उसके दाने को उँगली से रगड़ा और रिया चीख पड़ी। उसका पानी छूटा और वो विक्रम के सीने पर ढेर हो गई।
विक्रम ने करवट बदली और रिया को नीचे करके उसके ऊपर आ गया। उसने अपना लंड फिर से उसकी चूत में डाला और तेज़ धक्के मारने शुरू किए। रिया की टाँगें उसकी कमर पर थीं और वो हर धक्के पर सिसक रही थी।
कुछ ही मिनटों में विक्रम का वीर्य रिया की चूत में छूट गया। दोनों हाँफ रहे थे और एक दूसरे से लिपटे थे। रिया ने विक्रम के कान में फुसफुसाया, ये रात कभी खत्म न हो। विक्रम ने उसे कसकर गले लगाया और दोनों फिर से नींद में डूब गए।
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