गर्मी की रात प्रिया की गीली प्यास जब पंखे की आवाज़ में दबी चीखें और साड़ी कमर तक उठी हुई थी
जून की गर्मी में रात भी राहत नहीं दे रही थी। कमरे में सिर्फ पंखा घूम रहा था और दोनों के शरीर पसीने से चमक रहे थे।
प्रिया ने अपनी साड़ी की पल्लू हटाई तो उसके बड़े स्तन सिर्फ ब्लाउज़ में कैद थे। रोहन ने पीछे से आकर ब्लाउज़ के हुक खोले और दोनों स्तन बाहर निकाल लिए। निप्पल पहले से ही सख्त थे। उसने एक निप्पल मुँह में ले लिया और जोर से चूसने लगा। प्रिया की कमर पीछे को धंस गई।
“आह रोहन… हल्के से… नहीं, और जोर से चूसो…”
रोहन ने उसके स्तन छोड़कर साड़ी ऊपर की और पैंटी नीचे खींच दी। प्रिया की चूत पहले से ही गीली थी। उसने दो उंगलियाँ अंदर डाल दीं और तेजी से हिलाने लगा। प्रिया की टांगें कांपने लगीं।
फिर रोहन ने उसे बिस्तर पर लिटाया, पैर फैलाए और अपना मोटा लंड निकालकर उसके मुँह के पास ले गया। प्रिया ने बिना कुछ कहे लंड को मुँह में ले लिया। गीली जीभ से चाटा, फिर गले तक उतारने लगी। ग्लक-ग्लक की आवाज़ आने लगी। रोहन ने उसके बाल पकड़कर मुँह में धक्के मारने शुरू कर दिए।
थोड़ी देर बाद रोहन ने लंड निकाला और प्रिया को डॉगी पोज़िशन में कर दिया। एक झटके में पूरा लंड उसकी चूत में घुसा दिया। प्रिया की चीख निकल गई।
“उफ़्फ़… इतना गहरा… धीरे…”
लेकिन रोहन ने धीरे नहीं किया। दोनों कूल्हे पकड़कर जोर-जोर से धक्के मारने लगा। हर धक्के पर प्रिया के स्तन बिस्तर से टकरा रहे थे। उसने एक हाथ बढ़ाकर उसकी क्लिट रगड़नी शुरू कर दी। प्रिया पागल होने लगी।
“और जोर से… तोड़ डाल मुझे… आज पूरी रात चोद…”
रोहन ने पोज़िशन बदलकर उसे ऊपर बिठा लिया। प्रिया उसके लंड पर बैठकर खुद उछलने लगी। उसके स्तन रोहन के चेहरे पर बार-बार लग रहे थे। रोहन ने दोनों स्तन पकड़कर काटे और चूसे।
आखिर में रोहन ने उसे फिर से लिटाया, पैर कंधों पर रखे और फुल स्पीड पर पेलते हुए पूछा —
“अंदर छोड़ूं?”
प्रिया ने आँखें बंद करके सिर्फ सिर हिलाया।
रोहन ने आखिरी जोरदार धक्के मारे और पूरा गरम वीर्य उसकी चूत के अंदर छोड़ दिया। प्रिया का शरीर कांप उठा। दोनों पसीने से भीगे हुए एक-दूसरे से चिपके पड़े रहे।
प्रिया ने हांफते हुए कहा —
“पंखे के नीचे थोड़ा आराम… फिर से शुरू करना है।”
Readers who enjoyed “गर्मी की रात प्रिया की गीली प्यास जब पंखे की आवाज़ में दबी चीखें और साड़ी कमर तक उठी हुई थी” also read
8 curated storiesहाईवे के ढाबे पर एक रात
दिल्ली-जयपुर हाईवे पर आधी रात को ट्रक ड्राइवर सूरज रानी के ढाबे पर रुकता है। खाने की खुशबू, बातचीत और एक ऐसी रात, जो दोनों कभी नहीं भूलेंगे।
चुदाई कहानी: रात की ड्यूटी और एंबुलेंस ड्राइवर
मेरठ के एक छोटे से नर्सिंग होम में नाइट ड्यूटी पर तैनात नर्स नैना की कहानी। रात दो बजे एंबुलेंस ड्राइवर कुणाल दो कुल्हड़ चाय लेकर आया, और फिर वो रात बेकाबू होती चली गई। ड्यूटी रूम, लिनन स्टोर और खड़ी एंबुलेंस में बीती उस रात का पूरा ब्योरा।
गर्मी की दोपहर भाभी के साथ अकेला घर जब साड़ी का पल्लू बार-बार सरक रहा था और जो हुआ दोपहर की गर्मी से भी ज्यादा गर्म था
घर में कोई नहीं था। भाभी रसोई में काम कर रही थीं। साड़ी का पल्लू बार-बार सरक रहा था। फिर जो हुआ वो दोपहर की गर्मी से भी ज्यादा गर्म था।
रात भर की प्यास रिया की बेकाबू हवस जब उसने ब्रा उतारी तो लंड पहले से तंबू बना चुका था और दोनों ने एक-दूसरे को पूरी तरह चखा
रिया ने ब्रा उतारी तो आरव का लंड पहले से ही तंबू बना चुका था। रात भर चली वो कामुक लड़ाई, जिसमें दोनों ने एक-दूसरे को पूरी तरह चखा।
हिंदी स्टोरी सेक्सी वाली: जयपुर की छत से बेड तक ऋतु की चुदाई
हिंदी स्टोरी सेक्सी वाली: जयपुर की छत पर होली की पुरानी याद और आज की रात की कहानी। ऋतु और कबिर की धड़कनें, पुरानी शरारत और नई हिम्मत।
बेस्ट हिंदी सेक्स कहानी: नागपुर की राधा और भूली हुई स्केचबुक
बेस्ट हिंदी सेक्स कहानी में नागपुर की राधा को बालकनी में एक भूली हुई स्केचबुक मिलती है, जिसमें उसकी ही तस्वीरें बनी हैं।
हिंदी रोमांटिक सेक्स कहानी: उदयपुर में काव्या और कबीर की सालगिरह वाली रात
उदयपुर की झील के किनारे सालगिरह मनाने पहुंची काव्या के लिए कबीर ने एक सरप्राइज शाम सजाई है। यह हिंदी रोमांटिक सेक्स कहानी धीमी शुरुआत से एक यादगार रात तक जाती है, जहां हर पल में प्यार और चाहत है।
Hindi Sex Story: ऑफिस की गुप्त मुलाक़ात (Part 1)
दिल्ली के एक फाइनेंस ऑफिस में देर रात तक काम करती अंजलि और उसके बॉस विक्रम के बीच शुरू हुई एक गुप्त मुलाकात। एक hindi sex story जिसका Part 1 आपको आखिरी लाइन तक बांधे रखेगा।