हिंदी सेक्स कॉमिक: दिल्ली में कविता की चूत में अमन का लंड, पार्ट 2

N
11 min read0 readers
Font:
0:000:00
Share Story:

दरवाजे की घंटी बजी तो कविता का दिल जोर से धड़क उठा। उसके हाथ में अब भी वही हिंदी सेक्स कॉमिक का पन्ना था जिसे उसने आधी रात को छिपाकर रखा था। बालकनी से उड़कर अमन तक पहुंचा वह पन्ना ही उनकी कहानी की शुरुआत बना था।

अमन ने वह पन्ना लौटाया था, फिर स्टूडियो कोने में उसकी ड्राइंग टेबल पर बैठकर दोनों ने घंटों बात की थी। उसी रात बेडरूम में उनकी नजदीकियां बढ़ी थीं, और अब विक्रम का फोन आया था कि किसी ने उसे कविता के कॉमिक पन्ने भेज दिए हैं। विक्रम जल्दी घर आ रहा था, और तभी दरवाजे पर घंटी बजी थी।

कविता ने दरवाजा खोला तो सामने विक्रम नहीं, बल्कि कूरियर वाला खड़ा था। उसके हाथ में एक मोटा लिफाफा था जिस पर कविता का नाम लिखा था। कूरियर वाले ने साइन मांगा और लिफाफा थमाकर चला गया।

कविता ने लिफाफा खोला तो अंदर उसी की बनाई कॉमिक की फोटोकॉपी थी। नीचे एक चिट्ठी थी जिसमें लिखा था कि तुम्हारी कला अब छिप नहीं सकती। कविता के हाथ कांपने लगे, पर उसने खुद को संभाला।

तभी पीछे से अमन की आवाज आई। वह बालकनी के रास्ते से अंदर आ गया था और उसने लिफाफा देख लिया था। अमन ने कविता का हाथ पकड़ा और कहा कि डरने की जरूरत नहीं है।

कविता ने कहा कि यह चिट्ठी किसी जलने वाले साथी कलाकार की हो सकती है। अमन ने चिट्ठी का कागज ध्यान से देखा और कहा कि इस पर स्टूडियो की मोहर जैसी छाप है। दोनों ने तय किया कि सच का सामना एक साथ करेंगे।

उसी पल फिर घंटी बजी। इस बार दरवाजे पर विक्रम खड़ा था, बैग कंधे पर, चेहरा थका हुआ। विक्रम ने अंदर आते ही लिफाफा देखा और पूछा कि यह क्या है। कविता ने गहरी सांस ली और कहा कि यह मेरी बनाई कहानी है।

विक्रम ने पन्ने पलटे। पहले वह चुप रहा, फिर उसने कहा कि ये पन्ने उसे किसी अनजान नंबर से मिले थे। कविता ने सच बताया कि वह रातों में चुपचाप यह कॉमिक बनाती है। विक्रम ने उसकी आंखों में देखा और पूछा कि इसमें वह आदमी कौन है।

कविता ने झूठ नहीं बोला। उसने कहा कि कहानी काल्पनिक है, पर उसकी प्रेरणा उसके आसपास की जिंदगी से आती है। विक्रम गुस्से में कमरे में टहलने लगा, फिर रुककर बोला कि उसे धोखा महसूस हुआ है।

अमन सामने आ गया। उसने कहा कि कविता की कला को छिपाने की जरूरत नहीं, और उसने कविता का साथ दिया। विक्रम ने अमन को देखा और पूछा कि तुम इसमें कब से हो। अमन ने ईमानदारी से कहा कि वह कविता का दोस्त और पड़ोसी है।

कविता ने विक्रम का हाथ पकड़ा और उसे स्टूडियो कोने तक ले गई। वहां उसके स्केच, रंग, अधूरे पन्ने और किरदारों की डायरी रखी थी। विक्रम ने धीरे धीरे सब देखा और समझा कि यह कोई असली डायरी नहीं, कल्पना की दुनिया है।

विक्रम ने कहा कि उसे सबसे ज्यादा तकलीफ इस बात की है कि कविता ने उससे यह छिपाया। कविता ने माफी मांगी और कहा कि उसे डर था कि लोग गलत समझेंगे। विक्रम ने कहा कि वह अब सुनना चाहता है, भागना नहीं।

तीनों ने चाय बनाई और बालकनी में बैठे। बारिश की हल्की बूंदें दिल्ली की शाम को ठंडा कर रही थीं। विक्रम ने पूछा कि यह चिट्ठी किसने भेजी। कविता ने कहा कि शायद वही कलाकार है जो उसके स्टूडियो में पहले काम करता था।

अमन ने फोन निकाला और उस पुराने कलाकार की प्रोफाइल दिखाई। उस आदमी ने हाल में कविता की शैली की नकल वाली पोस्ट डाली थी। विक्रम ने कहा कि अब यह साफ है कि जलन ही वजह थी।

विक्रम ने कहा कि वह कविता की कला का सम्मान करता है, पर उसे यह जानना है कि उनका रिश्ता कहां खड़ा है। कविता ने कहा कि उसका घर और उसका पति उसकी पहली दुनिया है, और कला उसकी दूसरी दुनिया।

रात होते होते विक्रम थककर सोने चला गया। उसने कहा कि वह सुबह इस बारे में शांति से बात करेगा। कविता ने दरवाजा बंद किया और अमन की ओर देखा। दोनों की सांसें अब भी तेज थीं।

कविता ने अमन को स्टूडियो कोने में खींच लिया। उसने कहा कि आज उसने पहली बार अपने सच को किसी के सामने खोला है। अमन ने उसके चेहरे को हाथों में लिया और उसके होंठों को चूम लिया।

कविता ने उसकी कमीज के बटन खोले और उसकी छाती पर हाथ फेरा। अमन ने उसकी साड़ी का पल्लू धीरे से हटाया और उसके ब्लाउज के ऊपर से उसके उभारों को सहलाया। कविता की सांसें गहरी होने लगीं।

अमन ने उसके ब्लाउज को खोला और उसके बूब्स को अपने हाथों में लिया। उसने धीरे धीरे उन्हें चूमा और हल्के से काटा। कविता ने उसकी पीठ को नाखूनों से सहलाया और फुसफुसाकर कहा कि और पास आओ।

कविता ने अपनी साड़ी नीचे सरका दी और पेटीकोट की डोरी खोली। अमन ने उसे ड्राइंग टेबल के पास खड़ा किया और उसकी जांघों पर हाथ फेरा। कविता की चूत अब गीली होने लगी थी और वह अमन के करीब आ गई।

अमन ने अपनी पैंट उतारी और उसका लंड कविता के सामने आ गया। कविता ने उसे हाथ में लिया और धीरे धीरे सहलाया। अमन ने उसकी गर्दन को चूमा और कहा कि तुम आज बहुत खूबसूरत लग रही हो।

कविता घुटनों पर बैठ गई और उसने अमन के लंड को अपने मुंह में लिया। उसने धीरे धीरे चूसा और जीभ से उसके सिरे को सहलाया। अमन ने उसके बालों को पकड़ा और उसकी आंखों में देखा।

कुछ देर बाद कविता खड़ी हुई और अमन ने उसे टेबल पर बिठाया। उसने कविता की टांगें फैलाईं और अपनी उंगलियों से उसकी चूत को सहलाया। कविता ने सिसकी ली और कहा कि अब और मत तड़पाओ।

अमन ने अपना लंड कविता की चूत में धीरे से डाला। कविता ने उसे कसकर पकड़ा और उसकी कमर से लिपट गई। दोनों की धड़कनें एक साथ तेज हो गईं।

अमन ने धीरे धीरे धक्के लगाने शुरू किए। कविता ने हर धक्के पर सिसकी भरी और उसके कंधे को काटा। स्टूडियो की लाइट में उनकी परछाइयां दीवार पर नाच रही थीं।

कविता ने कहा कि और तेज करो। अमन ने गति बढ़ाई और कविता की चूत में उसका लंड गहराई तक जाने लगा। कविता की आंखें बंद हो गईं और वह उसके नाम को फुसफुसाने लगी।

कविता ने अमन को नीचे लिटाया और उसके ऊपर आ गई। उसने उसके लंड पर बैठकर धीरे धीरे हिलना शुरू किया। अमन ने उसके बूब्स को पकड़ा और नीचे से धक्के दिए।

दोनों की सांसें अब हांफने में बदल गई थीं। कविता का शरीर कांपने लगा और वह जोर से झड़ गई। उसका पानी अमन के लंड पर बह गया। अमन ने उसे कसकर पकड़े रखा।

कुछ पल रुककर अमन ने फिर गति पकड़ी। उसने कविता को पलटकर पीछे से लिया और उसकी चूत में गहरे धक्के दिए। कविता ने टेबल को पकड़ा और सिसकियों के बीच कहा कि बस ऐसे ही।

अंत में अमन भी झड़ गया और उसने अपना पानी कविता के पेट पर छोड़ा। दोनों हांफते हुए एक दूसरे से लिपट गए। कविता ने कहा कि यह रात उसे हमेशा याद रहेगी।

दोनों ने कपड़े ठीक किए और बालकनी में आ गए। दिल्ली की रात की हवा ठंडी थी और दूर ट्रैफिक की आवाज आ रही थी। कविता ने कहा कि अब वह विक्रम से खुलकर बात करेगी।

अगली सुबह विक्रम ने कविता को चाय दी और कहा कि उसने रात भर सोचा है। उसने कहा कि वह उसकी कला को छिपाने को नहीं कहेगा। कविता की आंखों में आंसू आ गए।

विक्रम ने कहा कि वह चाहता है कि कविता उसे अपनी अगली कहानी पहले दिखाए। कविता ने हंसकर कहा कि अगली कहानी में उसका किरदार भी होगा। विक्रम ने कहा कि बस उसे अच्छा दिखाना।

उसी दिन दोपहर में वह जलने वाला कलाकार खुद सामने आ गया। उसने फोन पर माना कि उसी ने पन्ने भेजे थे क्योंकि वह कविता की सफलता से जलता था। विक्रम ने उसे साफ कहा कि आगे ऐसा किया तो वह शिकायत करेगा।

कविता ने राहत की सांस ली। उसने अमन को मैसेज किया कि रहस्य खुल गया है और डर खत्म हो गया है। अमन ने जवाब दिया कि वह शाम को बालकनी में मिलेगा।

शाम को अमन बालकनी में आया और कविता ने उसे नई कॉमिक का पहला पन्ना दिखाया। पन्ने पर एक औरत बालकनी में खड़ी थी और पड़ोसी उसे देख रहा था। दोनों हंस पड़े।

कविता ने कहा कि इस बार कहानी में सच और कल्पना का फर्क साफ लिखा होगा। अमन ने कहा कि पाठक फिर भी दीवाने होंगे। कविता ने उसकी बात पर मुस्कुराकर कहा कि यही तो मजा है।

रात को कविता ने बेडरूम में अमन को बुलाया। विक्रम अपने कमरे में किताब पढ़ रहा था और दोनों ने धीरे से दरवाजा बंद किया। कविता ने कहा कि आज वह बिना डर के करीब आना चाहती है।

अमन ने उसे बिस्तर पर लिटाया और उसके कपड़े धीरे धीरे उतारे। कविता ने उसकी छाती को चूमा और उसके लंड को हाथ में लिया। दोनों की नजरें एक दूसरे से नहीं हट रही थीं।

कविता ने अपनी टांगें फैलाईं और अमन ने उसकी चूत को जीभ से चाटा। कविता ने चादर को कसकर पकड़ा और सिसकी ली। उसकी चूत का पानी अमन के मुंह में बहने लगा।

अमन ने फिर अपना लंड उसकी चूत में डाला और धीरे धीरे धक्के दिए। कविता ने उसकी पीठ पर हाथ फेरा और कहा कि तुम मेरे सबसे करीब हो। अमन ने उसकी बात सुनकर उसे और कसकर पकड़ा।

दोनों ने कई पोजीशन बदले। पहले सामने से, फिर कविता ऊपर, फिर पीछे से। हर बार कविता की सिसकियां तेज होती गईं। अमन ने उसके बूब्स को चूमा और उसकी गर्दन पर निशान छोड़े।

कविता दूसरी बार झड़ गई और उसका शरीर कांप उठा। अमन ने रुककर उसे चूमा और फिर गति बढ़ाई। कुछ देर बाद अमन भी झड़ गया और दोनों एक दूसरे की बाहों में सो गए।

सुबह कविता ने नई कॉमिक का आखिरी पन्ना पूरा किया। उसमें नायिका बालकनी से मुस्कुराती हुई दिख रही थी और नीचे लिखा था कि कहानी खत्म नहीं होती, बस नया मोड़ लेती है।

विक्रम ने वह पन्ना देखा और कहा कि यह सबसे अच्छा पन्ना है। कविता ने कहा कि अब वह इसे अपने नाम से छापेगी। विक्रम ने उसका हाथ पकड़ा और कहा कि वह उसके साथ खड़ा है।

अमन ने बालकनी से हाथ हिलाया और कविता ने मुस्कुराकर जवाब दिया। दिल्ली की धूप स्टूडियो कोने में फैल गई थी। कविता ने स्केचबुक बंद की और कहा कि अब कहानी पूरी हुई।

कविता ने अमन से कहा कि तुम मेरे पहले पाठक रहोगे, हमेशा। अमन ने कहा कि और तुम मेरी सबसे बड़ी प्रेरणा। दोनों हंस पड़े और चाय के कप उठाए।

उस शाम कविता ने विक्रम के साथ बैठकर अपनी कॉमिक की नई जिल्द पर नाम लिखा। विक्रम ने कहा कि घर में अब कोई राज नहीं रहेगा। कविता ने कहा कि राज खत्म, कहानी शुरू।

🔒 Bonus Scene locked

स्टूडियो की आधी रात वाली कहानी में कविता और अमन का एक और छिपा हुआ पल है, जो सिर्फ शेयर करने पर खुलेगा।

WhatsApp par share karo, turant unlock1 dost ko bhejo, bonus scene yahin khul jayega
Rate this story

🔥 NEXT CHAPTER IN LINE

Hardcore Desi

नौकरानी की चुदाई: दिवाली की सफ़ाई वाली दोपहर

राहुल और उसकी कामवाली गौरी की ये कहानी दिवाली की सफ़ाई वाली दोपहर में दीवान हिलाने की मदद मांगने से शुरू हुई, और बेकाबू होती चली गई।

Read Next Story

More stories by Neha Verma

View all →

Readers who enjoyed “हिंदी सेक्स कॉमिक: दिल्ली में कविता की चूत में अमन का लंड, पार्ट 2” also read

8 curated stories
Hardcore Desiहिंदी (Hindi)

हाईवे के ढाबे पर एक रात

दिल्ली-जयपुर हाईवे पर आधी रात को ट्रक ड्राइवर सूरज रानी के ढाबे पर रुकता है। खाने की खुशबू, बातचीत और एक ऐसी रात, जो दोनों कभी नहीं भूलेंगे।

⏱️ 11 min read•👁️ 4 views
Hardcore Desiहिंदी (Hindi)

गर्मी की दोपहर भाभी के साथ अकेला घर जब साड़ी का पल्लू बार-बार सरक रहा था और जो हुआ दोपहर की गर्मी से भी ज्यादा गर्म था

घर में कोई नहीं था। भाभी रसोई में काम कर रही थीं। साड़ी का पल्लू बार-बार सरक रहा था। फिर जो हुआ वो दोपहर की गर्मी से भी ज्यादा गर्म था।

⏱️ 12 min read•👁️ 3 views
Hardcore Desiहिंदी (Hindi)

गर्मी की रात प्रिया की गीली प्यास जब पंखे की आवाज़ में दबी चीखें और साड़ी कमर तक उठी हुई थी

पंखे की आवाज़ में दबी चीखें। प्रिया की साड़ी पहले ही कमर तक उठी हुई थी और रोहन उसके अंदर बेतहाशा धक्के मार रहा था।

⏱️ 4 min read•👁️ 3 views
Hardcore Desiहिंदी (Hindi)

रात भर की प्यास रिया की बेकाबू हवस जब उसने ब्रा उतारी तो लंड पहले से तंबू बना चुका था और दोनों ने एक-दूसरे को पूरी तरह चखा

रिया ने ब्रा उतारी तो आरव का लंड पहले से ही तंबू बना चुका था। रात भर चली वो कामुक लड़ाई, जिसमें दोनों ने एक-दूसरे को पूरी तरह चखा।

⏱️ 5 min read•👁️ 3 views
Hardcore Desiहिंदी (Hindi)

हिंदी स्टोरी सेक्सी वाली: जयपुर की छत से बेड तक ऋतु की चुदाई

हिंदी स्टोरी सेक्सी वाली: जयपुर की छत पर होली की पुरानी याद और आज की रात की कहानी। ऋतु और कबिर की धड़कनें, पुरानी शरारत और नई हिम्मत।

⏱️ 9 min read•👁️ 1 views
Hardcore Desiहिंदी (Hindi)

बेस्ट हिंदी सेक्स कहानी: नागपुर की राधा और भूली हुई स्केचबुक

बेस्ट हिंदी सेक्स कहानी में नागपुर की राधा को बालकनी में एक भूली हुई स्केचबुक मिलती है, जिसमें उसकी ही तस्वीरें बनी हैं।

⏱️ 12 min read•👁️ 1 views
Hardcore Desiहिंदी (Hindi)

हिंदी रोमांटिक सेक्स कहानी: उदयपुर में काव्या और कबीर की सालगिरह वाली रात

उदयपुर की झील के किनारे सालगिरह मनाने पहुंची काव्या के लिए कबीर ने एक सरप्राइज शाम सजाई है। यह हिंदी रोमांटिक सेक्स कहानी धीमी शुरुआत से एक यादगार रात तक जाती है, जहां हर पल में प्यार और चाहत है।

⏱️ 11 min read•👁️ 1 views
Hardcore Desiहिंदी (Hindi)

भाई बहन की छुपी हुई चुदाई कहानी: बहन की चूत में भाई का लंड, दिल्ली घर की पहली रात

भाई बहन की छुपी हुई चुदाई कहानी में दिल्ली के घर की एक रात, जब माता पिता शादी में गए थे और दो दिलों के बीच छुपा एहसास सामने आया।

⏱️ 11 min read•👁️ 1 views