चेकअप करवाने आई भाभी डॉक्टर से चुद गई: Part 2

R
9 min read0 readers
Font:
0:000:00
Share Story:

दरवाजे पर दस्तक हुई तो चेकअप करवाने आई भाभी ऋतु के हाथ कांप गए। कंपाउंडर की आवाज बाहर से आई, डॉक्टर साहब, आपकी पत्नी आ गई हैं, बाहर बैठी हैं। ऋतु की साड़ी अभी उसकी कमर पर ही अटकी थी और ब्लाउज के हुक खुले पड़े थे। अर्जुन ने उंगली होंठों पर रखी और फुसफुसाकर कहा, आवाज मत करना, मैं संभालता हूं।

पिछली शाम की वह गर्मी अभी ऋतु की सांसों में बसी थी। केबिन की बंद हवा में उसके परफ्यूम और अर्जुन की शर्ट की खुशबू मिली हुई थी। अंदर वाले छोटे कमरे के बिस्तर पर दोनों ने अभी अभी एक दूसरे को पूरी तरह पा लिया था। अब अचानक यह दस्तक सब कुछ बिखेरने आई थी। अर्जुन ने जल्दी से अपनी शर्ट के बटन बंद किए और ऋतु को अंदर के कमरे की ओर धकेल दिया।

ऋतु अंदर के कमरे में जाकर अलमारी के पीछे खड़ी हो गई। उसका दिल इतनी जोर से धड़क रहा था कि उसे लग रहा था कि बाहर तक आवाज जाएगी। उसने अपनी साड़ी को कसकर पकड़ लिया और सांस रोककर खड़ी रही। बाहर केबिन का दरवाजा खुला और ऊंची हील की आवाज फर्श पर टकराई। एक औरत की आवाज आई, अर्जुन, तुम अभी तक क्लिनिक में हो, घर पर सब तुम्हारा इंतजार कर रहे हैं।

अर्जुन की आवाज एकदम शांत थी, जैसे कुछ हुआ ही न हो। उसने कहा, बस एक मरीज का चेकअप खत्म हुआ है, मैं अभी निकल रहा था। तुम अचानक कैसे आ गईं। पत्नी ने कहा, तुम्हारा फोन नहीं लग रहा था, इसलिए मैं खुद ही आ गई। ऋतु ने अलमारी के पीछे से अपनी आंखें बंद कर लीं। उसकी टांगें कांप रही थीं और पसीना उसकी पीठ पर बह रहा था।

अलमारी के पीछे खड़े खड़े ऋतु को पिछली शाम का हर पल याद आ रहा था। केबिन में अर्जुन ने पहले उसकी पीठ दबाई थी, फिर उसके हाथ उसकी कमर पर सरकते चले गए थे। उसे याद आया कि कैसे वह खुद भी उस बहाव में बह गई थी और उसने अर्जुन को रोका नहीं था। अब वही बहाव उसे डर के किनारे पर खड़ा कर रहा था। उसने अपने होंठ काट लिए ताकि कोई आवाज बाहर न जाए और अलमारी के ठंडे दरवाजे से अपनी पीठ सटा ली।

पत्नी केबिन में ही खड़ी रही। उसने पूछा, मरीज कौन था, अभी तक कोई गया नहीं दिखा। अर्जुन ने हंसकर कहा, पीछे के दरवाजे से चला गया, पीठ दर्द का पुराना मरीज था। ऋतु ने मन ही मन भगवान को धन्यवाद दिया कि क्लिनिक में पीछे का एक छोटा दरवाजा सच में था। पत्नी ने फिर कहा, चलो फिर, घर चलो, खाना ठंडा हो रहा है। अर्जुन ने कहा, तुम गाड़ी में बैठो, मैं कंपाउंडर को हिदायत देकर आता हूं।

बाहर के दरवाजे के बंद होने की आवाज आई और फिर गाड़ी के स्टार्ट होने की आवाज धीरे धीरे दूर हो गई। अर्जुन ने अंदर का दरवाजा खोला तो ऋतु अलमारी के पीछे से बाहर आई। उसकी आंखों में आंसू थे और होंठ कांप रहे थे। उसने कहा, डॉक्टर साहब, अगर वह अंदर आ जाती तो मेरी जिंदगी खत्म हो जाती। अर्जुन ने उसके चेहरे को अपने हाथों में लिया और कहा, कुछ नहीं हुआ, तुम सुरक्षित हो, और अब कोई नहीं आएगा।

ऋतु ने अपनी साड़ी ठीक करने की कोशिश की तो अर्जुन ने उसका हाथ पकड़ लिया। उसने कहा, अभी मत जाओ, जो अधूरा रह गया था उसे पूरा कर लेते हैं। ऋतु ने पहले मना करने के लिए मुंह खोला, पर अर्जुन की आंखों में वह गर्मी देखकर उसका मना करना ही भूल गई। खतरे के बाद की यह बेचैनी दोनों के अंदर एक नई आग जगा रही थी। ऋतु ने धीरे से कहा, दरवाजा बंद कर दो, इस बार ताला भी लगा दो।

अर्जुन ने केबिन का दरवाजा अंदर से बंद किया और ताला घुमाया। फिर उसने ऋतु को अपनी बांहों में खींच लिया। उसकी साड़ी का पल्लू फर्श पर सरक गया और ब्लाउज के खुले हुक उसकी छाती को और उभार रहे थे। अर्जुन ने उसके गले पर होंठ रख दिए और धीरे धीरे नीचे की ओर बढ़ने लगा। ऋतु ने उसकी शर्ट को पकड़कर अपनी ओर खींचा और कहा, आज मुझे मत रोको, आज मैं सब कुछ चाहती हूं।

अर्जुन ने ऋतु के ब्लाउज को उसके कंधों से नीचे सरकाया और उसकी चूचियों को अपने हाथों में भर लिया। उसके निप्पल सख्त हो चुके थे और ऋतु की सांसें तेज हो गई थीं। अर्जुन ने एक निप्पल को मुंह में लिया और धीरे धीरे चूसने लगा। ऋतु ने अपना सिर पीछे झुकाया और उसके बालों में उंगलियां फंसा लीं। उसने कहा, हां, ऐसे ही, और जोर से।

ऋतु ने अर्जुन की पैंट का बटन खोला और उसका लंड बाहर निकाल लिया। वह पहले से ही पूरी तरह सख्त था और उसकी नसें उभरी हुई थीं। ऋतु ने उसे अपने हाथ में पकड़कर धीरे धीरे हिलाना शुरू किया। अर्जुन ने आंखें बंद कर लीं और उसके कंधे पर सिर टिका दिया। ऋतु नीचे झुकी और लंड को अपने मुंह में ले लिया। उसकी जीभ लंड के ऊपर घूम रही थी और अर्जुन की सांसें अटक अटक कर चल रही थीं।

कुछ देर बाद अर्जुन ने ऋतु को उठाया और अंदर के कमरे के बिस्तर तक ले गया। उसने ऋतु की साड़ी पूरी तरह खोल दी और उसे बिस्तर पर लिटा दिया। ऋतु की चूत पूरी तरह गीली थी और उसकी जांघों पर पानी की चमक दिख रही थी। अर्जुन ने अपनी उंगलियां उसकी चूत पर रखीं और धीरे धीरे अंदर बाहर करने लगा। ऋतु ने बिस्तर की चादर को मुट्ठियों में भींच लिया और कहा, बस अब मत तड़पाओ, अंदर डाल दो।

अर्जुन ने अपना लंड ऋतु की चूत के मुंह पर रखा और एक ही धक्के में पूरा अंदर डाल दिया। ऋतु की चीख उसके गले में ही अटक गई और उसने अर्जुन की पीठ को अपने नाखूनों से पकड़ लिया। अर्जुन ने धीरे धीरे धक्के लगाने शुरू किए और हर धक्के के साथ ऋतु की आहें तेज होती गईं। बिस्तर की चरमराहट और दोनों की सांसों की आवाज उस छोटे कमरे में गूंज रही थी।

ऋतु ने अपनी टांगें अर्जुन की कमर के चारों ओर लपेट लीं और हर धक्के का जवाब अपनी कमर उठाकर देने लगी। अर्जुन ने उसकी चूचियों को मुंह में लिया और चूसते हुए धक्कों की रफ्तार बढ़ा दी। ऋतु का बदन पसीने से भीग गया था और उसकी आंखें बंद थीं। उसने कहा, अर्जुन, मैं झड़ने वाली हूं, रुकना मत। अर्जुन ने कहा, मैं भी बस वहीं हूं, साथ में झड़ते हैं।

दोनों एक साथ झड़े। ऋतु का बदन कांप उठा और उसकी चूत ने अर्जुन के लंड को कसकर जकड़ लिया। अर्जुन ने अपना सारा पानी उसकी चूत के अंदर ही छोड़ दिया और उसके ऊपर ही निढाल होकर गिर पड़ा। कुछ देर तक दोनों ऐसे ही पड़े रहे, एक दूसरे की धड़कनें सुनते हुए। ऋतु ने अर्जुन के बालों में उंगलियां फेरते हुए कहा, आज के बाद मैं डरूंगी नहीं, जो होना है वह होगा।

कुछ मिनट आराम करने के बाद ऋतु ने करवट बदली और अर्जुन के ऊपर आ गई। उसने कहा, अब मेरी बारी है, आप बस लेटे रहो। अर्जुन ने मुस्कुराकर अपने हाथ सिर के पीछे कर लिए। ऋतु ने उसका लंड फिर से अपने हाथ में लिया और धीरे धीरे सहलाने लगी। कुछ ही पलों में वह फिर से सख्त हो गया और ऋतु ने उसे अपनी चूत में खुद ही डाल लिया।

ऋतु ने अपनी कमर को ऊपर नीचे करना शुरू किया। उसकी चूचियां हर उछाल के साथ हिल रही थीं और अर्जुन ने उन्हें अपने हाथों से पकड़ लिया। ऋतु की रफ्तार धीरे धीरे बढ़ती गई और उसके मुंह से लगातार आहें निकलने लगीं। उसने अर्जुन की छाती पर हाथ टिका दिए और अपनी आंखें बंद करके पूरी तरह उस एहसास में डूब गई। अर्जुन ने नीचे से धक्के लगाने शुरू किए तो ऋतु की चीख निकल गई।

इस बार झड़ना धीरे धीरे आया, जैसे लहरें किनारे से टकरा रही हों। ऋतु का बदन कांपने लगा और उसने अर्जुन के कंधों को कसकर पकड़ लिया। अर्जुन ने भी अपनी कमर उठाकर आखिरी धक्के लगाए और दोनों दूसरी बार एक साथ झड़ गए। ऋतु अर्जुन की छाती पर ही ढह गई और दोनों हांफते हुए एक दूसरे को देखने लगे। ऋतु ने कहा, अब मुझे कोई पछतावा नहीं है, यह शाम मेरी जिंदगी की सबसे यादगार शाम है।

थोड़ी देर बाद दोनों उठे और अपने कपड़े पहनने लगे। ऋतु ने शीशे के सामने खड़े होकर अपनी साड़ी ठीक की और बिंदी लगाई। अर्जुन ने पीछे से आकर उसके कंधे पर हाथ रखा और कहा, अगली बार हम किसी होटल में मिलेंगे, जहां कोई दस्तक नहीं होगी, कोई डर नहीं होगा। ऋतु ने शीशे में ही उसकी आंखों में देखा और मुस्कुरा दी। उसने कहा, होटल का कमरा आप बुक करना, साड़ी मैं नई पहनकर आऊंगी।

ऋतु पीछे के दरवाजे से बाहर निकली। जयपुर की रात की हवा उसके चेहरे पर लगी और उसने एक गहरी सांस ली। अब उसके कदमों में डर नहीं था, एक अजीब सी आजादी थी। उसने फोन पर अर्जुन का नंबर देखा और एक मैसेज लिखा, अगली मुलाकात का इंतजार रहेगा, डॉक्टर साहब। फिर उसने फोन जेब में रखा और रिक्शे की ओर बढ़ गई।

🔒 Bonus Scene locked

क्लिनिक की वह शाम तो बस शुरुआत थी, होटल के कमरे में हुई अगली मुलाकात में ऋतु ने कुछ ऐसा किया जिसकी अर्जुन को उम्मीद तक नहीं थी।

WhatsApp par share karo, turant unlock1 dost ko bhejo, bonus scene yahin khul jayega
Rate this story

🔥 NEXT CHAPTER IN LINE

Married Cheating

हिंदी विधवा सेक्स कहानी: गैरेज वाला राज़

ये हिंदी विधवा सेक्स कहानी है लखनऊ की सुनीता की, जो चार साल की विधवा ज़िंदगी के बाद पति के दोस्त Arjun से गैरेज में टकराती है। एक पुरानी बुलेट, एक पावर कट, और वो रात जो सब बदल गई।

Read Next Story

More stories by Rohit Sharma

View all →

Readers who enjoyed “चेकअप करवाने आई भाभी डॉक्टर से चुद गई: Part 2” also read

8 curated stories
Married Cheatingहिंदी (Hindi)

शादीशुदा औरत की रात पति के दोस्त के साथ जब उसने दरवाज़ा खोला और साड़ी में लिपटी वो औरत पूरी तरह खुलने वाली थी

पति ऑफिस ट्रिप पर था। उसकी बीवी ने दरवाज़ा खोला तो मैं हैरान रह गया। साड़ी में लिपटी वो औरत आज पूरी तरह खुलने वाली थी।

⏱️ 9 min read•👁️ 10 views
Married Cheatingहिंदी (Hindi)

ससुराल में अकेली देवर के साथ रात जब पति गाँव गया था और सिर्फ हम दो बचे थे रात भर जो हुआ वो किसी को पता नहीं चलना चाहिए

पति गाँव गया था। ससुराल में सिर्फ मैं और देवर बचे थे। रात भर जो हुआ वो किसी को पता नहीं चलना चाहिए।

⏱️ 12 min read•👁️ 9 views
Married Cheatingहिंदी (Hindi)

पति के दोस्त ने जब मेरी हर सीमा को पार कर दिया एक रात की गलती ने दोनों को इतना गहरा बाँध दिया कि पीछे मुड़ना नामुमकिन हो गया

एक रात की गलती ने दोनों को इतना गहरा बांध दिया कि अब पति के घर में भी किसी और की साँसें गूँजने लगीं। शादीशुदा शरीर की बेकाबू भूख की कहानी।

⏱️ 29 min read•👁️ 9 views
Married Cheatingहिंदी (Hindi)

सolo ट्रिप की उस रात जब लोकल गाइड ने मेरी सारी अकेलापन मिटा दी

पति से दूर, पहाड़ों में अकेली। लोकल गाइड के साथ बिताई वो रात जिसने शादीशुदा शरीर की सारी प्यास जगा दी।

⏱️ 32 min read•👁️ 7 views
Married Cheatingहिंदी (Hindi)

जब पति के शहर जाने के बाद मेरे शरीर ने किसी और को अपना घर बना लिया

पति के तीन दिन के दौरे ने दरवाजा खोल दिया एक ऐसी भूख का जो सालों से दबी हुई थी। एक शादीशुदा औरत और उसके पति के दोस्त के बीच वो गहरा, गंदा और बेकाबू रिश्ता जिसने दोनों को हमेशा के लिए बदल दिया।

⏱️ 34 min read•👁️ 7 views
Married Cheatingहिंदी (Hindi)

पति की तेरहवीं वाली रात जब उसके सबसे करीबी दोस्त ने मुझे थाम लिया

शोक की रात, खाली घर और वो आदमी जो पति का सबसे बड़ा दोस्त था। गुनाह, भूख और एक ऐसी रात जो दोनों ने कभी न माँगते हुए भी जी ली।

⏱️ 32 min read•👁️ 5 views
Married Cheatingहिंदी (Hindi)

जीजा साली की चुदाई: नाइट शिफ्ट वाली सुबह

इस कहानी में सीमा नाइट शिफ्ट से लौटती है और टूटे गीजर के बहाने जीजा अर्जुन के बाथरूम में नहाने जाती है, जहां एक खुला दरवाजा सात दिन की अकेली रातों की शुरुआत बन जाता है।

⏱️ 14 min read•👁️ 3 views
Married Cheatingहिंदी (Hindi)

चाची की चुदाई की कहानी: दूध वाली सुबह

मुज़फ्फरनगर के गाँव में गर्मियों की छुट्टियों में भतीजे विवेक और चाची सुनीता के बीच सुबह की दूध वाली सैर पर शुरू हुई नज़दीकियाँ, जो डेयरी के टिन शेड की तन्हाई में सारी हदें पार कर गईं।

⏱️ 9 min read•👁️ 2 views