परिवार के फार्महाउस में जब हमने सबके सोने के बाद सारी हदें पार कर दीं
रात के लगभग दो बज रहे थे। फार्महाउस में सन्नाटा पसरा हुआ था। शादी का फंक्शन खत्म हो चुका था। ज्यादातर लोग सो चुके थे। हल्की संगीत की आवाज अभी भी दूर से आ रही थी।
रिया किचन के पास खड़ी थी। पानी पी रही थी। तभी पीछे से आवाज आई—
“नींद नहीं आई?”
कर्ण था। दूर का रिश्तेदार, लेकिन उम्र लगभग समान। पिछले दो दिनों से दोनों की नजरें बार-बार मिल रही थीं।
रिया ने सिर हिलाया। कर्ण पास आया। दोनों के बीच सिर्फ एक कदम था। फार्महाउस की पुरानी दीवारें और अँधेरा उन्हें छुपा रहा था। कर्ण ने रिया का हाथ पकड़ा और धीरे से खींचा। “पीछे वाले कमरे में चल।”
रिया ने विरोध नहीं किया। दोनों अँधेरे गलियारे से होते हुए आखिरी कमरे में पहुँचे। कर्ण ने दरवाजा बंद किया और अंदर से कुंडी लगा दी।
अगले ही पल दोनों एक-दूसरे से चिपक गए। चुंबन में शराब और दबी हुई भूख थी। रिया की कुर्ती के हुक कर्ण ने जल्दी-जल्दी खोले। ब्रा को ऊपर उठाया और स्तनों को जोर से मसलने लगा। निप्पल को मुँह में ले लिया और दाँतों से काटा। रिया की सिसकी निकल गई।
“आवाज धीमी रखना… कोई आ जाएगा,” रिया ने फुसफुसाया।
कर्ण ने जवाब में और जोर से चूसा। उसने रिया की सालवार का नाड़ा खोला और नीचे सरका दिया। पैंटी को एक तरफ खिसकाया। रिया पहले से गीली थी। कर्ण ने दो उंगलियाँ अंदर डाल दीं और तेजी से हिलाने लगा। रिया की कमर तन गई। उसने अपना मुँह कर्ण के कंधे पर दबा लिया।
थोड़ी देर में रिया का शरीर काँप उठा। पहला चरम दबी हुई आवाज के साथ आया। कर्ण ने उसकी जाँघें और फैला दीं और अपनी जीभ उसके बीच में रख दी। रिया के नाखून उसकी पीठ में गड़ गए।
कर्ण ऊपर आया। उसने अपनी पैंट खोली। रिया ने खुद उसका अंग पकड़कर अपने अंदर की ओर गाइड किया। कर्ण ने एक ही धक्के में पूरा अंदर घुस गया। रिया की आँखें फट गईं। उसने मुँह में हाथ दबा लिया।
कर्ण ने कमर पकड़कर जोर-जोर से धक्के लगाने शुरू कर दिए। बिस्तर चरमरा रहा था। रिया की छाती हर धक्के के साथ ऊपर-नीचे हो रही थी। कर्ण ने झुककर उसके स्तनों को फिर मुँह में लिया। रिया की आवाजें अब हाथ के बावजूद निकल रही थीं।
“और जोर से… लेकिन धीरे बोल,” रिया ने हांफते हुए कहा।
कर्ण ने उसकी टाँगें अपने कंधों पर रख लीं और और गहराई तक मारने लगा। रिया का दूसरा चरम और भी तेज था। उसने कर्ण को जोर से जकड़ लिया। कर्ण ने भी उसी समय उसके अंदर ही छोड़ दिया। दोनों हांफते हुए बिस्तर पर गिरे रहे।
कुछ देर की खामोशी के बाद रिया ने धीरे से कहा, “एक बार और। सुबह होने में अभी समय है।”
कर्ण मुस्कुराया। उसने रिया को घुटनों के बल किया। पीछे से फिर से अंदर आया। इस बार शुरू से ही तेज। रिया ने तकिया दबा लिया। कर्ण एक हाथ से उसके बाल पकड़े हुए था, दूसरे से उसके नितंबों पर हल्के थप्पड़ मार रहा था। हर धक्का गहरा था। रिया पीछे की ओर जोर से धकेल रही थी।
“कर्ण… और… पूरा…”
कर्ण ने उसकी कमर और नीचे झुका दी। तीसरा चरम दोनों का लगभग एक साथ आया। कर्ण ने फिर से उसके अंदर ही छोड़ दिया। रिया की टाँगें काँप रही थीं।
रात के तीन बज गए थे जब दोनों ने कपड़े सही किए। रिया की कुर्ती अभी भी आधी खुली थी। कर्ण ने उसके बाल पीछे किए।
“कल रात फिर?” कर्ण ने पूछा।
रिया ने सिर हिलाया। “कल… अगर मौका मिला। लेकिन इस कमरे में ही।”
कर्ण ने उसका हाथ पकड़ लिया। “मौका बनाएँगे।”
दोनों गलियारे से होते हुए वापस आए। फार्महाउस अभी भी सो रहा था। परिवार के बीच वो रात गुनाह की तरह छुप गई थी। लेकिन दोनों के शरीर पर जो निशान थे, वे अभी भी गर्म थे।
रिया ने मुस्कुराते हुए कहा, “आज हमने वाकई हदें पार कर दीं।”
कर्ण ने धीरे से जवाब दिया, “और ये हदें अब और आगे बढ़ने वाली हैं।”
Readers who enjoyed “परिवार के फार्महाउस में जब हमने सबके सोने के बाद सारी हदें पार कर दीं” also read
8 curated storiesहाईवे के ढाबे पर एक रात
दिल्ली-जयपुर हाईवे पर आधी रात को ट्रक ड्राइवर सूरज रानी के ढाबे पर रुकता है। खाने की खुशबू, बातचीत और एक ऐसी रात, जो दोनों कभी नहीं भूलेंगे।
गर्मी की दोपहर भाभी के साथ अकेला घर जब साड़ी का पल्लू बार-बार सरक रहा था और जो हुआ दोपहर की गर्मी से भी ज्यादा गर्म था
घर में कोई नहीं था। भाभी रसोई में काम कर रही थीं। साड़ी का पल्लू बार-बार सरक रहा था। फिर जो हुआ वो दोपहर की गर्मी से भी ज्यादा गर्म था।
गर्मी की रात प्रिया की गीली प्यास जब पंखे की आवाज़ में दबी चीखें और साड़ी कमर तक उठी हुई थी
पंखे की आवाज़ में दबी चीखें। प्रिया की साड़ी पहले ही कमर तक उठी हुई थी और रोहन उसके अंदर बेतहाशा धक्के मार रहा था।
रात भर की प्यास रिया की बेकाबू हवस जब उसने ब्रा उतारी तो लंड पहले से तंबू बना चुका था और दोनों ने एक-दूसरे को पूरी तरह चखा
रिया ने ब्रा उतारी तो आरव का लंड पहले से ही तंबू बना चुका था। रात भर चली वो कामुक लड़ाई, जिसमें दोनों ने एक-दूसरे को पूरी तरह चखा।
हिंदी स्टोरी सेक्सी वाली: जयपुर की छत से बेड तक ऋतु की चुदाई
हिंदी स्टोरी सेक्सी वाली: जयपुर की छत पर होली की पुरानी याद और आज की रात की कहानी। ऋतु और कबिर की धड़कनें, पुरानी शरारत और नई हिम्मत।
बेस्ट हिंदी सेक्स कहानी: नागपुर की राधा और भूली हुई स्केचबुक
बेस्ट हिंदी सेक्स कहानी में नागपुर की राधा को बालकनी में एक भूली हुई स्केचबुक मिलती है, जिसमें उसकी ही तस्वीरें बनी हैं।
हिंदी रोमांटिक सेक्स कहानी: उदयपुर में काव्या और कबीर की सालगिरह वाली रात
उदयपुर की झील के किनारे सालगिरह मनाने पहुंची काव्या के लिए कबीर ने एक सरप्राइज शाम सजाई है। यह हिंदी रोमांटिक सेक्स कहानी धीमी शुरुआत से एक यादगार रात तक जाती है, जहां हर पल में प्यार और चाहत है।
भाई बहन की छुपी हुई चुदाई कहानी: बहन की चूत में भाई का लंड, दिल्ली घर की पहली रात
भाई बहन की छुपी हुई चुदाई कहानी में दिल्ली के घर की एक रात, जब माता पिता शादी में गए थे और दो दिलों के बीच छुपा एहसास सामने आया।